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देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर

  • Writer: seemavedic
    seemavedic
  • Oct 17, 2025
  • 4 min read

देवगुरु बृहस्पति का कर्क में राशि में गोचर अति विशिष्ट घटना है जो १२ वर्ष पर पुनर्घटित होती है। किंतु इस बार ये अत्यंत विशिष्ट घटना बन गई है और इसका कारण है बृहस्पति का अतिचारी होना। अतिचारी होंने का अर्थ है कि  किसी भी घटना का अपने समय से पूर्व घटित होना।घटना का अपने निर्धारित समय से पूर्व घटित होने का अर्थ है कि परिपक्वता की कमी । जिसके कारण कार्य अपने सही और सटीक रूप से निष्पादित नही हो पाते।हर तरफ अफरा तफरी ,तनाव , भागादौड़ जैसी परिस्थिति बनी रहती है।

वैसे ही जैसे अतिथि का समय से पूर्व भोजन के लिए आ जाना।

जैसे फसल का समय से पहले पक जाना इत्यादि ।

अपनी सामान्य चाल चलते‌ हुए , बृहस्पति ने म‌ई में वृषभ राशि से मिथुन में प्रवेश किया और मात्र छः माह के अंदर ही कर्क में प्रवेश करने जा रहे है।

कर्क राशि गुरु की उच्च राशि है और यहां आकर बृहस्पति देव अति प्रसन्न होते हैं अतः जरा भी घबराने या आशंकित होने की आवश्यकता नहीं है।सब कुछ अच्छा ही हौगा बस थोड़ा असमंजस और थोड़ा सा अति आत्मविश्वास। तो निर्णय लेने में दुविधा रह सकती है।

गुरु के इस गोचर से विगत छह महीनों से जो मुश्किल ,उठा पटक वाला समय चल रहा है, वहां स्थितियां अब सेटलमेंट की तरफ़ बनती दिखाई देंगी। सरकार ,शासन , प्रशासन अब सुचारू और प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगे।और थोड़ा रिलैक्स्ड होंगे। किंतु यह प्रसन्नता अल्पकालिक ही होगी। परिस्थितियां छुप जायेगी लेकिन दबेंगी नहीं।वे कुछ समय के बाद पुनः सिर उठायेंगी ।

कुछ शासक,प्रशासक जो अभी तक क्रोध और अहम् के कारण देशों में अफरातफरी मचा रहे थे ।अब अति  प्रसन्नता और भलमनसाहत दिखा कर फिर से सब तरफ असमंजस और उठा-पटक मचा देंगे। कुछ लोगों का अति आत्मविश्वास उन्हें सफलता दिलाता दिखेगा लेकिन जल्द ही यह आत्मविश्वास आत्मघाती  सिद्ध होगा। संघर्ष रत देशों या क्षेत्रों में समझौते होते हुए दिखेंगे, किंतु यह दीर्घकालिक नहीं रहेंगे।

गुरु का अपनी उच्च राशि में यह गोचर की व्याख्या कबीर दास जी के  शब्दों में कहें तो ,,,,,अति का भला न बोलना,अति की भली न चूप,अति का भला ना बरसना अति की भली ना धूप।

और‌ यहां तो सभी कुछ अति ही है।

प्राकृतिक परिस्थितियों में भी रह गोचर बहुत परिवर्तन लायेगा।तेज हवाओं का चलना। अत्यधिक वर्षा, समुंदरों में बार बार चक्रवातों का उठना।तेज आंधी, और बवंडर भी परेशान करेंगे।  बहुत सी जगहों पर अप्रत्याशित रूप से जलप्रलय जैसी स्थितियां बनती दिखेंगी।नदी के किनारे,नौका विहार, समुद्र के आसपास थोड़ी सतर्कता बरतें।

सामाजिक एवं पारिवारिक रूप से लोगों में सौहार्द और समरसता दिखेगी ‌। किंतु अति उत्साह में भी  , संयमित रहे, भावनात्मक रूप से यह समय जहां एक ओर संबंधों में निकटता लायेगा वहीं कुछ समय बाद यही निकटता विवाद और अवसाद एवं निराशा उत्पन्न करेगी।

प्रेम और सौहार्द, समझौते और संधियां बनती और बिगड़ती दिखाई देंगी। जल्दबाजी में लिए गये निर्णय कुछ समय के बाद एक नये विवाद और संघर्ष को पैदा करेंगे।

भारत कै संदर्भ में यह गोचर आर्थिक उन्नति वाला‌ होंगा।भूमि और भू गर्भ‌ से लाभदायक प्राप्ति होगी । समुद्र और जल संसाधन से व्यापारिक और आर्थिक लाभ प्राप्त होंगे।विपक्ष‌ प्रबल होगा। समय समय पर आंदोलन  और विरोध हावी रहेंगे। धार्मिक मुद्दों का बोलबाला रहेगा। न्यायपालिका अत्यधिक मुखर  रहेंगी। बृहस्पति शनि के साथ मिलकर दण्डाधिकारी की भूमिका में रहेंगे। भावनात्मक रूप से कठोर फैसले लिए जायेंगे।

धर्म सर्वोपरि रहेगा। और सरकारों को लाभ होगा।

विश्व, समाज और  प्राकृतिक रूप से उतार चढ़ाव वाले समय के बीच ही , कुछ लोगों,देश , संस्कृति, समाज और क्षेत्रों के लिए यह गोचर बहुत ही शुभ परिणाम देने वाला‌ सिद्ध होगा।

विभिन्न राशियों के लिए गुरु के कर्क राशि में गोचर का  प्रभाव संक्षिप्त रूप में इस प्रकार है।


🌺मेष राशि वालों के घर परिवार में सुख और सौहार्द में वृद्धि होगी । बुद्धि कौशल बढ़ेगा और दिल दिमाग का बैहतर संतुलन करते दिखेंगे।


🌺वृषभ राशि  वालों को‌ धन लाभ‌ की‌ बहुत‌ ही अनुकूल स्थितियां बनेंगी। प्रापर्टी से लाभ के योग बनेंगे। आध्यात्मिक रूप से सक्रियता बढ़ेगी।


🌺मिथुन राशि के लोगों के लिए गुरू‌ का गोचर बहुत शुभ है।धन‌लाभ के अनुकूल योग हैं। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर और प्रगाढ़ होंगे। पारिवारिक जीवन सौहार्द पूर्ण रहेगा।


🌺कर्क राशि के लिए यह  गोचर बहुत ही शुभ है।सभी कार्य अनुकूल होंगे।आपकी गलतियों को लोग नज़रअंदाज कर देंगे। किंतु ख़ान पान का‌ ध्यान रखें।


🌺सिंह राशि के लिए यह समय अध्यात्मिक उत्थान का हैं।योग और ध्यान करने का सर्वाधिक लाभ प्राप्त होगा। संतान के विदेश जाने के प्लान फलीभूत होंगे। प्रापर्टी संबंधित सरकारी काम की अड़चनें दूर होंगी।


🌺कन्या राशि के लिए बहुत ही लाभदायक गोचर है। नौकरी और व्यवसाय में उन्नति , प्रमोशन हो सकता है।और इनसे धन लाभ भी प्राप्त होगा। विवाह आदि के लिए अनुकूल समय है। वैवाहिक जीवन सौहार्द पूर्ण रहेगा।


🌺तुला राशि के नौकरी या व्यवसाय के प्रयास में सफलता मिलेगी ‌पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा ‌।धन का खर्च बढ़ सकता है।


🌺वृश्चिक राशि के लिए यह समय सब प्रकार से सुखकारी है। भाग्यशाली समय है,उसका भरपूर लाभ उठाने का प्रयास करें।  यात्रा का योग है। धार्मिक कार्यों में रूझान बढ़ेगा।


🌺धनु राशि के लिए सुखमय परिस्थितियां छुपै हुए रूप में प्रभावी रहेगी। जिस‌ सुख की चाह में आप निराश हो रहें हैं,वो आपके पीछे ही खड़ा है ।घर परिवार में सुख बना हुआ है। विदेश यात्रा, घर परिवर्तन की इच्छा पूर्ण हो सकती है ‌।


🌺मकर राशि के लोगों की यात्राएं बढ़ सकती हैं। जीवनसाथी के साथ मनोकूल समय गुजरने के योग हैं।

रोमांस का समय है। धन‌लाभ‌ होने के योग हैं किन्तु अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है।


🌺कुंभ राशि के लोगों को कार्य व्यवसाय के क्षेत्र में प्रशंसा मिलेगी।घर परिवार में सौहार्दपूर्ण समय रहेगा किन्तु काम का दबाव से व्यवहार असंतुलित हो सकता है। ध्यान रखें।


🌺मीन राशि वालों के लिए यह शुभ गोचर है। अपने सारे छूटे हुए काम को पूरा करने का प्रयास करें ‌ धन लाभ के योग हैं ‌।

जय श्रीकृष्ण 🌹 🙏


सीमा श्रीवास्तव 🙏🏻

 
 
 

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